JAKHANI MATA TEMPLE IN PALAMPUR PALAMPUR

  Temples in Palampur

जखनि माता का मंदिर पालमपुर से ५ किलोमीटर दूर चंदपुर गॉव से ऊपर है ,
कहा जाता है कि जखणी माता मंदिर लगभग 450 वर्ष बना है । पहले यहाँ एक छोटा सा मंदिर होता था ,परंतु अब ये बहुत विकसित हो गया है ।
पुराने समय की बात है माता की स्थापना गद्दी परिवार द्व्रारा की गयी थी जो की भरमौर से यहाँ आकर बसा था उनकी यह कुल देवी थी । लोगों का कहना है कि देवी एक टांग से अपग है ।

जब गुर में देवी का प्रवेश होता है तो वह एक टांग से मंदिर के चारों और परिक्रमा करता है । ये धारणा है एक बार भरमौर में सुखा पड़ गया था । सभी पानी के नदी नाले सुख गये । लोगों ने देवी के पास फ़रियाद की । तब कुल देवी होने के नाते उनकी फ़रियाद को स्वीकार कर लिया । देवी पानी की तालाश में निकल गई । बहुत दूर एक अन्य देवता के चश्मे से देवी ने पानी चुरा लिया और पानी लेकर वापिस आने लगी । तभी उस देवता ने देवी को देखा और उस पर अपने तीर से वार कर दिया था , तीर देवी के हाथ में उठाये पानी के बर्तन में लग गया जिससे उसमें छेद हो गया । पानी की धार बहती गई परन्तु देवी नहीं रुकी । तब देवता का दूसरा तीर देवी की टांग में लग गया और देवी लंगडाती हुई देवी अपने गाँव वापिस पहुंची देवी की कृपा से लोगों को पानी मिल गया । दुसरे दिन जब लोगों ने देखा की पानी का नाला बह रहा था । जहाँ भी उस बर्तन से पानी गिरा था वहां पानी की धार बन गई जिसने बाद में एक नाले का रूप ले लिया ।
’जखणी’ नाम ’जख्मी’ से पड़ा प्रतित होता है । हो सकता है कि माता के लंगड़े होने पर लोगों ने इसे जख्मी माता पुकारना शुरू कर दिया हो जो बाद में जखणी बन गया ।

जख शब्द देवता के लिए प्रयोग किया जाता है । इसलिए जख से जखणी शब्द की उत्पति लगती है । शायद देवी के लिए इस जख शब्द से जखणी हुआ ।



माता का यहाँ जो छोटा मंदिर है एक गद्दी ने बहुत समय पहले किया था । लोगों का कहना है की जब वह गद्दी सर्दियों खत्म होने के बाद अपनी भेड़ बकरियों को लेकर लौट रहा था तो रास्ते में किसी बीमारी से उसकी कई बकरियां मर गई थी । चलते चलते उसने इस देवी से फरियाद की और कहा कि यदि यह रोग ख़तम हो जायगा तो वह मंदिर का निर्माण करेगा । माता ने उसकी मनोकामना सुन ली और बीमारी खत्म हो गया । यह गद्दी धनवान था । उसने गाँव लौटकर माता के मंदिर का निर्माण किया । लोगों की इस माता के प्रति गहरी आस्था है ।







Palampur is a hill station of the northern state of Himachal Pradesh, India. It is known for its tea gardens. Located on a hill on top of Chandpur village of Palampur, the ancient temple of the damaged mother. This holy temple is situated about 5 kilometers from Bandala Jakhani Mata Temple and approx 7 kilometers from Palampur. When the travelers arrives here, its beautiful view of the surroundings captures your mind. From the Dhauladhar mountain ranges,

the statue of Mata Jupiter was established on 450 years ago. In past time there was a small temple but now it has been developed. According to the local peoples, JAKHANI MATA temple has been constructed from Bharmour District to a family of Gaddi caste. The family moved away from the house and the injured mother was the goddess of this family.


This family was the only one who had settled here . People say that Goddess is inferior to one leg. For the Goddess, people have taken this wounded word as a wound. People have deep faith in JAKHANI MATA.




way to reach
Available services of transport in Jakhani Mata Temple, Palampur can easily be reached by airplane, train, bus.

Nearest airport: - Dharamsala (Gaggal)
Flight: - Dharamsala from Delhi (per day)
Dharamshala to Palampur (38km by bus) Jakhani Mata Temple (from the taxi) from Palampur
Nearest Railway Station: - Palampur Himachal (Marda)
Train: - Pathankot from Delhi, Palampur Himachal from Pathankot

 Published date:

November 11, 2019

 Modified date:

November 18, 2019

 City:

PALAMPUR

 Views

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